BhaktiVed
కృష్ణుడు

कोई मने प्रभुजी बतावो रे

భజనరచన: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

कोई मने प्रभुजी बतावो रे

कोई मने प्रभुजी बतावो रे, मधुवनमां०

मधु रे वनमां श्री गोकुळमां, -कोई०

तारी कृपानो हुं पार न पामुं,

मनमां फरे छे प्रभु तनमां रे. मधुवनमां०

हार ज तूट्यो ने शिर ज भांग्यां,

नीर तो झरे छे लोचनमां रे. मधुवनमां०

ढुंढत ढुंढत व्रजनारी रे ढुंढी,

व्याकुळ थई मारा मनमां रे. मधुवनमां०

खोजत खोजत जगके लोको,

हरि वसे छे हरिजनमां रे. मधुवनमां०

बाई मीरां कहे प्रभु गिरधरना गुण,

आवी मळ्या छे एक पळमां रे. मधुवनमां०

ఈ పాఠానికి వీడియో లేదు.YouTubeలో వెతకండి

ఇవి కూడా చదవండి