BhaktiVed

आज

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

पराभव संवत्सर · आश्विन · कृष्ण पक्ष

तिथिचतुर्थी 10:11 PM तक · फिर पंचमी
नक्षत्ररोहिणी 11:11 AM तक · फिर मृगशिरा
सूर्योदय6:13 AM
सूर्यास्त5:46 PM
राहुकाल1:26 PM – 2:52 PM
यमगंड6:13 AM – 7:39 AM
गुलिक काल9:06 AM – 10:33 AM

हैदराबाद · Asia/Kolkata · गणना किए गए समय (लाहिड़ी अयनांश)। व्रत-त्योहार के लिए अपने परिवार के पंचांग / पुरोहित की बात मानें। स्रोत और गणना पद्धति

आज की खास बात

संकष्टी चतुर्थी: आज का महत्व

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी गणेश उपासना से जुड़ी है। यह व्रत रखने वाले परिवारों में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करने की परंपरा है।

आज क्या कर सकते हैं

  1. गणेश जी को प्रणाम करें और अपनी परिचित छोटी प्रार्थना पढ़ें।
  2. फूल, दूर्वा या घर की परंपरा के अनुसार प्रसाद अर्पित कर सकते हैं।
  3. व्रत रखते हैं तो अपने शहर का चंद्रोदय देखें। तिथि समाप्ति और चंद्रोदय अलग समय हैं।

आज कई उत्तर भारतीय परिवार करवा चौथ भी मनाते हैं। यह संकष्टी चतुर्थी से अलग पारिवारिक परंपरा है।

गुरुवार: गुरु के प्रति कृतज्ञता
इस गुरुवार आपको कुछ सिखाने वाले व्यक्ति को याद कर धन्यवाद कहें।

आज की छोटी प्रार्थना

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

अर्थ: विशाल स्वरूप और करोड़ों सूर्यों जैसे तेज वाले गणेश जी, मेरे सभी कार्य बिना बाधा पूरे हों।

पूरी प्रार्थना पढ़ें →

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स्तोत्र →
आज का स्तोत्र · गुरुवार

जय गणेश जय गणेश देवा

आरती · Jai Ganesh Jai Ganesh Deva

आने वाले त्योहार और व्रत

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वार्षिक पर्व आंध्र / तेलंगाना की संदर्भ सूची से हैं; मासिक तिथि-आधारित दिन चुने शहर के लिए गणित हैं। व्रत की तारीख अपनी परंपरा के पंचांग से जाँचें।

  1. 5 नवंबरगुरुवार एकादशी 7 दिन में
  2. 6 नवंबरशुक्रवार धनतेरस 8 दिन में
  3. 6 नवंबरशुक्रवार प्रदोष व्रत 8 दिन में
  4. 7 नवंबरशनिवार मासिक शिवरात्रि 9 दिन में
  5. 8 नवंबररविवार दिवाली 10 दिन में
  6. 8 नवंबररविवार नरक चतुर्दशी 10 दिन में
  7. 9 नवंबरसोमवार अमावस्या 11 दिन में
  8. 11 नवंबरबुधवार भाई दूज 13 दिन में
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमो नमः जो देवी सब प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित है, उसे नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार। तुम्हारे भीतर का बल भी वही माँ है — उसे पहचानो। — देवी माहात्म्य · दुर्गा सप्तशती

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