BhaktiVed
కృష్ణుడు

पग घुंघरू बांध

భజనరచన: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

प्रभु प्राप्तिना आनंदना पदो

राग पीलु - ताल कहरवा

पग घुंघरूं बांध मीरा नाची रे

मैं तो मेरे नारायण की आपहि हो गइ दासी रे

लोग कहै मीरा भइ बावरी न्यात कहै कुलनासी रे

बिष का प्याला राणाजी भेज्या पीवत मीरा हांसी रे

मीरा के प्रभु गिरधर नागर सहज मिले अबिनासी रे

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