BhaktiVed
కృష్ణుడు

आज मारे घेर आवना महाराज

భజనరచన: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

पद ३ थाळ राग सोरठ.

आज मारी मिजमानी छे राज, मारे घेर आवना महाराज...

ऊंचा से बाजोठ ढळावुं, अपने हाथ से ग्रास भरावुं,

ठंडा जळ झारी भरी लावुं, रूचि रूचि पावनां महाराज. ... आज मारी १.

बुह मेवा पकवान मिठाई, शाक छत्रीशे जुगतें बनाई,

ऊभी ऊभी चामर ढोळुं राज, लागो सुहामणा महाराज. ... आज मारी २.

डोडा एलची लविंग सोपारी, काथा चूना पान बिच डारी,

अपने हाथसे बीरी बनाउं, मुखसे चावना महाराज. ... आज मारी ३.

मोर मुकुट पीतांबर सोहें, सुरीनर मुनिजनके मन मोहे,

मीरां कहे गिरधरी लाल, दिल बिच भरना महाराज. ... आज मारी. ४

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