BhaktiVed
Mata / Devi

Aakashmanthi Utarya Re Bholi Bhavani Ma

garbaAuthor: વલ્લભ ભટ્ટ (Vallabh Bhatt)

आकाशमांथी ऊतर्या रे भोळी भवानी मा

आकाशमांथी ऊतर्या रे, भोळी भवानी मा.

ऊतर्या एवा नोतर्या रे, भोळी भवानी मा.

ऊतर्या भाईने ओरडे रे, भोळी भवानी मा.

बेठां ऊंचा बारणे रे, भोळी भवानी मा.

खीर खांड ने रोटली रे, भोळी भवानी मा.

मीठी मजानी पुरण पोळी रे, भोळी भवानी मा.

उपर पापडनो कटको रे, भोळी भवानी मा.

एवो वहुनो लटको रे, भोळी भवानी मा.

चोखलिया खांडीने थाकी रे, भोळी भवानी मा.

केड वळीने थई गई वांकी रे, भोळी भवानी मा.

जेवा मेंणा भाई घेर भांग्या रे, भोळी भवानी मा.

तेवा मेणां सहुना भांगजो रे, भोळी भवानी मा.

जेवो पुत्तर भाई घेर दीधो रे, भोळी भवानी मा.

तेवो पुत्तर सहुने देजो रे, भोळी भवानी मा.

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