BhaktiVed
कृष्ण

आंखलडी वांकी अलबेला !

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

आंखलडी वांकी अलबेला !

आंखलडी वांकी अलबेला !

तारी आंखलडी वांकी. आंखलडी०

नयन कमळनो पलकारो रे,

तीर मार्यां छे ताकी. आंखलडी०

वनरा ते वनने मारग जातां,

तन रे जोयां छे झांखी. आंखलडी०

चाळवणियामां व्हाले चित्त हरी लीधां,

मोहनलाले भूरकी नाखी. आंखलडी०

बाई मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, चरणकमळ चित्त राखी. आंखलडी०

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