BhaktiVed
Ram

Aavo To Ramras Pijie

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

आवो तो रामरस पीजीए

आवो तो रामरस पीजीए

हो भाग्यशाळी, आवो तो रामरस पीजीए.

तजी दुःसंग सत्संगमां बेसी,

हरिगुण गाई लहावो लीजीए ... हो भाग्यशाळी.

ममताने मोहजंजाळ जग केरी,

चित्त थकी दूर करी दीजीए ... हो भाग्यशाळी.

देवोने दुर्लभ देह मळ्यो आ,

तेने सफळ आज कीजीए ... हो भाग्यशाळी.

रामनाम रीझीए, आनंद लीजीए,

दुर्जनियांथी न ब्हीजीए ... हो भाग्यशाळी.

मीरां कहे प्रभु गिरिधरना गुण,

हेते हरिरंग भींजीए ... हो भाग्यशाळी.

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