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Amane Koi Khe

BhajanAuthor: નિરાંત (Nirant)

अमने कोई क्हे

अमने कोई क्हे, वैष्णव थाव, वैष्णवरूप अमे;

कृष्ण राधाराणी राज करे, जुओ ह्रदये तमे. टेक०.

अमने कोई क्हे रामजी थाव, रामजी रूप अमे;

रमे सीता रामजी पासे, बीजो शेणे गमे? -अमने

अमने कोई क्हे वामन थाव, वामनरूप अमे,

दमी ईंद्रियो सर्वत्र, दान लेवुं न गमे. -अमने

अमने कोई क्हे विष्णु थाव, तेनुं रूप अमे,

अमे आसन कीधुं एक, ठेर ठेर कोण भमे? -अमने

अमने कोई क्हे ब्रह्मा थाव, ब्रह्मारूप अमे,

काम करवुं छोड्युं जाण, माटी चूंथुं क्यमे? -अमने

अमने कोई क्हे शंकर थाव, शंकररूप अमे,

व्यसन लाग्युं ब्रहम्, विजया केम गमे? -अमने

अमने कोई क्हे ईंद्र थाव, ईंद्ररूप अमे;

पाम्या ब्रह्मपदनुं राज्य, घाव तो कोण खमे? -अमने

अमने कोई क्हे कुबेर थाव, कुबेररूप अमे;

साचवुं ब्रह्मकोठार, सुखडी संत जमे. -अमने

अमने कोई क्हे सूरज थाव, सूरज रूप अमे;

थयो ग्यान केरो प्रकाश नभमां कुण भमे? -अमने

अमने कोई क्हे जोगी थाव, ते तो थया अमे,

निरांते वासना मारी सर्वे, जोगीने जे जे गमे. -अमने

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