BhaktiVed
Mata / Devi

Amba Abhay Pad Dayini Re

garba

अंबा अभय पद दायिनी रे

अंबा अभय पद दायिनी रे…

श्यामा सांभळजो साद भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

हेम हिंडोळे हिंचके रे,

हींचे आराशुरी मात भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

संखीओ संगाथे करे गोठडी,

आवे आठम नी रात भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

सर्वे आराशुर चोक मां रे,

आवो तो रमीए रास भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

एवे समे आकाश थी रे,

आव्यो करुण पोकार भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

कोणे बोलावी मुजने रे,

कोणे कर्यो मने साद भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

मध दरियो तोफान मां,

माडी डूबे मारुं वहाण भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

वायु भयंकर फूंकतो रे,

वेरी थयो वरसाद भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

पाणी भराणा वहाण मां रे,

ए केम काढ्या जाय भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

आशा भर्यो हुं आवीयो रे,

वहाला जोता हशे वाट भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

हैयुं रहे नहि हाथ मां रे,

दरिये वाळ्यो दाट भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

मारे तमारो आशरो रे,

धाओ धाओ मम मात भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

अंबा हिंडोळे थी उठया रे,

उठया आराशुरी मात भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

सखीओ ते लागी पुछवा रे,

क्यां कीधा परियाण भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

वात वधु पछी पुछजो रे,

बाळ मारो गभराय भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

भक्त मारो भीडे पड्यो रे,

हुं थी ए केम सेहवाय भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

एम कही नारायाणी रे,

सिंहे थया अस्वार भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

त्रिशुल लीधुं हाथ मां रे,

तार्युं वणीकनुं वहाण भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

धन्य जनेता आपने रे,

धन्य दयाना निधान भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

प्रगट परचो आपनो रे,

दया कल्याण कोई गाय भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

बधी तेनी भांगजो रे,

समये करजो सहाय भीड भंजनी, अंबा अभय पद दायिनी रे…

अंबा अभय पद दायिनी रे…

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