BhaktiVed
कृष्ण

अमे मैयारा रे

garbaरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

अमे मैयारा रे

अमे महियारा रे… गोकुळ गामनां

मारे महि वेचवाने जावा

महियारा रे… गोकुळ गामनां

मथुरानी वाट महि वेचवाने नीसरी

नटखट ए नंदकिशोर मागे छे दाण जी

हे… मारे दाण देवा, नइ लेवा, महियारा रे… गोकुळ गामना

यमुनाने तीर व्हालो वांसळी वगाडतो

भुलावी भान सान उंघथी जगाडतो

हे… मारे जागी जोवुं ने जावुं. महियारा रे… गोकुळ गामनां

मावडी जशोदाजी कानजीने वाळो

दु:खडा हजार दीए नंदजीनो लालो

हे… मारे दु:ख सहेवा, नइ कहेवा, महियारा रे… गोकुळ गामनां

नरसिंहनो नंदकिशोर नानकडो कानजी

उतारे आतमथी भव भवनो भार जी

निर्मळ हैयानी वात कहेवा, महियारा रे… गोकुळ गामनां

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