BhaktiVed
కృష్ణుడు

अरज करे छे मीरां रांकडी

భజనరచన: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

अरज करे छे मीरां रांकडी, ऊभी ऊभी अरज करे छे मीरां रांकडी, टेक०

माणिगर स्वामी मारे मंदीरे पधारो, सेवा करु दिन रातडी. ऊभी० १

फूलना रे तोरा ने फूलना रे गजरा, फुलना ते हार फुल पांखडी. ऊभी० २

फूलनी ते गादी ने फुलना रे तकिया, फुलनी ते पाथरी पछोडी ऊभी० ३

पय पकवान मीठाइ ने मेवा, सेवैया ने सुंदर दहीडी. ऊभी० ४

लवींग सोपारी ने एलची तजवाळी, काथा चूनानी पानबीडी ऊभी० प

सेज बिछावुं ने पासा मगावुं, रमवा आवो तो जाय रातडी ऊभी० ६

मीरांबाइ कहे प्रभु गिरधरनागर, तमने जोतामां ठरे आंखडी ऊभी० ७

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