BhaktiVed
Krishna

Bhaj Le Re Man Govind Guna

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

भज ले रे मन गोविंद गुणा

भज ले रे मन गोविंद गुणा.

गोविंद गुणा, गोपाल गुणा, भज ले रे मन गोविंद गुणा

अधम तरे अधिकार भजन सो, जोई आये हरिशरणा,

ना विश्वास तो साक्षी बताउं, अजामील गणिका सदना ... भज ले रे मन.

जो कृपाळु तन, मन, धन दीन्हो, नयन-नासिका-मुख-रसना,

जाको रचत मास दश लागे, ताहि न सुमिरो एक क्षणा ... भज ले रे मन.

बालपन सब खेल गंवायो, तरुण भया तब रूपधना,

वृद्ध भयो तब आलस ऊपज्यो, माया मोह भयो मगना ... भज ले रे मन.

गज अरु गीध तरे भजनों से, कोई तर्यो नहि भजन बिना

धना भगत पीपामुनि शबरी, मीरां की कर तामे गणना ... भज ले रे मन.

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