BhaktiVed
कृष्ण

बोले झीणां मोर

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

बोले झीणा मोर, बोले झीणां मोर राधे! तारा डुंगरिया पर बोले झीणा मोर. राधे०

ए मोर ही बोले, बपैया ही बोले, कोयल करत कल शोर राधे०

काली बदरिया में वीजळी चमके, मेघ हुआ घनघोर राधे०

झरमर झरमर मेहुलो वरसे, भींजे मारा साळुडानी कोर राधे०

बाई मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, तुं तो मारा चित्तडानो चोर राधे०

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