BhaktiVed
Krishna

Chandni Rat Kesriya Tara

BhajanAuthor: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

चांदनी रात केसरिया तारा

चांदनी रात केसरिया तारा रे

पोठी भरी चाल्या वणझारा रे.

वणझारे आडत कीधी रे,

कायानगरी ईजारे लीधी रे.

दाणी दाण घटे ते लेजो रे,

पोठी अमारी जावा देजो रे.

जेवा वाडीना कुमळा मरवा रे,

तेवा पोठी अमारे भरवा रे.

भले मळिया भले मळिया रे,

तारा गुण नव जाय कळिया रे.

महेता नरसैंयाना स्वामी रे,

सर्वे गोपी आनंद पामी रे.

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