BhaktiVed
Krishna

Dari Gayo Manmohan

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

राग रामदासी - ताल तिताला

डारी गयो मनमोहन पासी,

आंबा की डाळ कोयल ईक बोलै, मेरो मरण अरु जग केरी हांसी

बिरह की मारी मैं बन-बन डोलूं, प्राण तजूं, करवत ल्यूं काशी

मीरां के प्रभु हरि अविनाशी, तुम मेरे ठाकुर, में तेरी दासी

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