BhaktiVed
माता

ढोलिडा ढोल तुं धीमे वगाड ना

garba

ढोलिडा ढोल तुं धीमे वगाड ना

ढोलीडा ढोल तुं धीमे वगाड ना, धीमे वगाड ना

रढियाळी रातडीनो जोजे रंग जाय ना, जोजे रंग जाय ना

ध्रूजे ना धरती तो रमझट कहेवाय ना, रमझट कहेवाय ना

रढियाळी रातडीनो जोजे रंग जाय ना, जोजे रंग जाय ना

पूनमनी रातडी ने आंखडी घेराय ना, आंखडी घेराय ना

रढियाळी रातडीनो जोजे रंग जाय ना, जोजे रंग जाय ना

हो....चमकती चाल अने घूघरी घमकार

हो....नूपुरना नाद साथे ताळीओना ताल

गरबे घूमता मांने कोईथी पहोंचायना, कोईथी पहोंचाय ना

रढियाळी रातडीनो जोजे रंग जाय ना, जोजे रंग जाय ना

हो....वांकडिया वाळ अने टीलडी ललाट

हो....मोगरानी वेणीमां शोभे गुलाब

नीरखी नीरखीने मारुं मनडुं धराय ना, मनडुं धराय ना

रढियाळी रातडीनो जोजे रंग जाय ना, जोजे रंग जाय ना

हो....सोळे शणगार सजी, रूपनो अंबार बनी

हो....प्रेमनुं आंजण आंजी, आवी छे माडी मारी

आछी आछी ओढणीमां रूप मांनु माय ना, तेज मांनु माय ना

रढियाळी रातडीनो जोजे रंग जाय ना, जोजे रंग जाय ना

ढोलीडा ढोल तुं धीमे वगाड ना, धीमे वगाड ना

रढियाळी रातडीनो जोजे रंग जाय ना, जोजे रंग जाय ना

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