BhaktiVed
Krishna

Dukhda Diye Chhe Dadi Dadi

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

दुखडा दिये छे दाडी दाडी

दुखडा दिये छे दाडी दाडी, हे कानुडा तारी मोरली रे अमने,

दुखडा दिये छे दाडी दाडी…

माझम रातनी रे मधराते सुरनी,

वांसळी ते कोणे वगाडी,

हुं रे सुती’ती मारा शयन भवनमां ने,

निंदरा ते कोणे भगाडी. दुखडा दिये छे..

सासु ससराथी रे हुं तो छानीमानी उठीने,

हळवेथी बार उघाडी,

व्याकुळ थईने हुं तो तनडामां मारा,

पहेरतां तो भूली गई साडी. दुखडा दिये छे..

किया रे कुहाडे तने कापी रे लाव्यो,

किया रे सुथारे सुंवाळी,

शरीर जोने तारुं संघे रे चडावी,

तारा मनडामां छेद पडावी. दुखडा दिये छे..

मोरली कहे हुं तो कामणगारी,

हुं तो छुं व्रज केरी नारी,

बाई मीरां कहे प्रभु गीरीधर नागर,

तनडामां ताप रे समारी. दुखडा दिये छे..

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