BhaktiVed
Krishna

E Ri Main To Premdivani

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

ए री मैं तो प्रेमदिवानी

ए री मैं तो प्रेमदिवानी

मेरो दर्द ना जाणे कोई ... ए री मैं तो प्रेमदिवानी.

शूळी उपर सेज हमारी,

किस बिध सोना होय,

गगन मंडल पर सेज पिया की

किस बिध मिलना होय ... ए री मैं तो प्रेमदिवानी.

घायल की गत घायल जाने,

और न जाने कोय,

जौहरी की गती जौहरी जाणे,

की जिन जौहर होय ... ए री मैं तो प्रेमदिवानी.

दरद की मारी वन वन भटकूँ

वैद्य मिल्या नहीं कोय

मीरां की प्रभु पीड मिटेगी

जब वैद्य सांवरियो होय ... ए री मैं तो प्रेमदिवानी.

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