BhaktiVed
Krishna

Esi Chatur Bragyar

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

पद ४४ राग झींझोटीनी होरी.

एसी चतुर ब्रजनार, पिया संग खेले होरी.— टेक.

नवरंग ऊडत गुलाल, सुगंधी केशर घोरी;

राधेसें परशत श्याम, श्यामसें राधे गोरी.— एसी. १.

ऊडत अबील गुलाल, केशरकी भरी कटोरी;

राधे चली मुख मोड, श्याम मेरी बैया मरोरी.— एसी. २.

जेसे बने नंदलाल, तेसी बनी राधे गोरी;

मीरांबाई बल जाय, अविचल रहो ये जोरी.— एसी. ३.

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