BhaktiVed
Mata / Devi

Gagnamndal Kari Gagrire Ma

garba

गगनमंडळ करी गागरीरे मा

गगनमंडळ करी गागरीरे मा,

सकल शोभा भरी रे मा.

आपे भवानी उमंग शुं रे मा,

रास रमे मध्यरंग शुं रे मा.

नवग्रहोमां सौथी वडो रे मा,

आदित्य अखंड कर्यो दिवडो रे मा.

जळहळ ज्योति बिंब गोळशुं रे मा,

आदित्य अखंड कर्यो दिवडो रे मा.

(वल्लभ मेवाडो)

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