BhaktiVed
Mata / Devi

Gyanaktari Mari Amane

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

ज्ञानकटारी मारी, अमने प्रेमकटारी मारी.

मारे आंगणे रे तपसीओ तापे रे,

काने कुंडळ जटाधारी रे ... राणाजी, अमने.

मकनोसो हाथी, लाल अंबाडी रे, अंकुश दई दई हारी रे ... राणाजी.

खारा समुद्रमां अमृतनुं वहेळियुं रे,एवी छे भक्ति अमारी रे ... राणाजी.

बाई मीरां के प्रभु गिरधार नागर, चरणकमळ बलिहारी रे ... राणाजी.

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