BhaktiVed
Krishna

Han Re Koi Madhav Lyo

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

मीठडां गोरस ल्यो गोरस ल्यो ए राग.

हां रे कोई माधव ल्यो, माधव ल्यो, वेचंती वृजनारी रे ... हां रे

माधवने मटुकीमां घाली, गोपी लटके लटके चाली रे, ... हां रे

हां रे गोपी घेलुं शुं बोलती जाय, कान मटुकीमां न समाय रे ... हां रे

नव मानो तो जुवो उतारी, मांही जुवे तो कुंजविहारी रे, ... हां रे

वंद्रावनमां जाता धारी, वा’लो गौ चारे छे गिरधारी रे ... हां रे

गोपी चाली वंद्रावन वाटे, सउ व्रजनी गोपीयो साथे रे, ... हां रे

मीरां कहे प्रभु गीरधर नागर, जेना चरणकमल सुखसागर रे ... हां रे

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