BhaktiVed
Ram

Hansla Halo Re Have

Bhajan

हंसला हालो रे हवे

हंसला हालो रे हवे, मोतीडां नही रे मळे,

आ'तो झांझवाना पाणी, आशा जुठी रे बंधाणी

मोतीडां नही रे मळे . . .

धीमे-धीमे प्रीती केरो दीवडो प्रगटाव्यो,

एने रामना रखोपे मे'तो घुंघटे ओढाड्यो

पण वायरो वायो रे भेंकार, माथे मेहुलानो मार

दीवडो नही रे बळे ...

मोतीडां नही रे मळे . . .

वेलो रे मोडो रे मारो साह्यबो पधारे,

एने कहेजो के चुंदडी, लाशे रे ओढाडे

काया भले रे बळे, माटी माटीमां मळे

प्रीतडी नही रे बळे...

मोतीडां नही रे मळे . . .

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