BhaktiVed
कृष्ण

हरि मने पार उतार

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

हरि मने पार उतार

हरि मने पार उतार

नमी नमी विनती करुं छुं.

जगतमां जन्मीने बहु दुःख देख्यां,

संसारशोक निवार ... नमी नमी.

कष्ट आपे मने कर्मनां बंधन,

दूर तुं कर किरतार ... नमी नमी.

आ संसार वह्यो वह्यो जाय छे,

लक्ष चोराशी धार ... नमी नमी.

मीरां कहे प्रभु गिरिधर नागर,

आवागमन निवार ... नमी नमी.

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