BhaktiVed
कृष्ण

हरि मारे ह्रदये रहेजो

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

हरि मारे हृदये रहेजो, प्रभु मारी पासे रहेजो;

जो जो न्यारा थाता रे, मने ते दिननो विश्वास छे.— टेक.

धना भगते खेतर खेड्युं, वेळु वावी घेर आव्या;

संतजनोनां पात्र पूर्यां, घउंना गाडां घेर आव्यां रे— मने. १.

जूनागढना चोकमां नागरे हांसी कीधी;

नरसैंयानी हूंडी सीकारी, द्वारिकामां दीधी रे— मने. २.

मीरांबाईने मारवा राणाजीए हठ लीधी,

झेरना प्याला अम्रत करिया, त्रिकम टाणे पधार्यां रे— मने. ३.

भीलडीनां एठां बोर, प्रभु तमे हेते करी आरोग्यां,

त्रिभुवनना नाथ तमने मीरांबाईए गाया रे— मने. ४.

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