BhaktiVed
कृष्ण

हरिचरण चित्त दीजोजी

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

राग कोसी - ताल तिताला

म्हारी सुध ज्यूं जानो त्यूं लीजोजी.

पल पल ऊभी पंथ निहारुं, दरसन म्हाने दीजोजी.

मैं तो हूं बहु अवगुणवाळी, अवगुण चित्त मत्त लीज्योजी.

मैं तो दासी त्हारे चरणकमल की, मिल बिछडन मत कीजोजी.

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर हरिचरण चित्त दीजोजी.

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