BhaktiVed
माता

हो रंग रसिया!

garba

हो रंग रसिया!

हो रंग रसिया! क्यां रमी आव्या रास जो

आंखलडी राती ने उजागरो भारे कीधो

आज अमे ग्या’ता सोनीडाने हाट जो

आ झालझूमणा वहोरतांने, व्हाणलां वाही गयां

हो रंग रसिया! क्यां रमी आव्या रास जो

आंखलडी राती ने उजागरो भारे कीधो

आज अमे ग्या’ता मणियाराने हाट जो

आ चूडलडो उतरावतां, व्हाणलां वाही गयां

हो रंग रसिया! क्यां रमी आव्या रास जो

आंखलडी राती ने उजागरो भारे कीधो

आज अमे ग्या’तां कसुंबीने हाट जो

आ चूंदलडी वहोरतांने, व्हाणलां वाही गयां

हो रंग रसिया! क्यां रमी आव्या रास जो

आंखलडी राती ने उजागरो भारे कीधो

आज अमे ग्या’तां मोचीडाने हाट जो

आ मोजडियुं मूलवतांने, व्हाणलां वाही गयां

हो रंग रसिया! क्यां रमी आव्या रास जो

आंखलडी राती ने उजागरो भारे कीधो

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