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Ram

Ja Ja Nindra ! Hun Tane Varun

BhajanAuthor: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं, तुं छो नार धुतारी रे…

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं…

नींदरा कहे हुं नही रे धुतारी, हुं छुं शंकर नारी रे,

पशु पंखीने सुखडां आपुं, दुःखडा मेलुं विसारी रे…

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं…

एक समे राम वनमां पधार्या, लखमणने नींदरा आवी रे,

सती सीताने कलंक लगाव्युं, भायुमां भ्रांतुं पडावी रे…

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं…

जोगी लुंटया, भोगी लुंटया, लुंटया नेजा धारी रे,

एकल शृंगीने वनमां लुंटया, नगरना लुंटया नरनारी रे…

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं…

पहेला पहोरे रोगी जागे, बीजा पहोरे भोगी रे,

त्रीजा पहोरे तस्कर जागे, चोथा पहोरी जोगी रे…

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं…

बार बार वरस लखमणे त्यागी, कुंभकरणे लाड लडाव्यां रे,

भले मळ्यां मेता नरसैंना स्वामी, आश पुरो मोरारी रे…

जा जा नींदरा ! हुं तने वारुं…

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