BhaktiVed
Krishna

Jago Bansivale

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

जागो बंसीवाले ललना, जागो मोरे प्यारे.

रजनी बीती भोर भयो है

घरघर खुले किंवारे,

गोपी दहीं मथत सुनियत है

कंगना के झनकारे ... जागो बंसीवाले.

ऊठो लालजी भोर भयो है

सुर नर ठाढे द्वारे,

ग्वालबाल सब करत कोलाहल

जय जय सबद उच्चारे ... जागो बंसीवाले.

माखन रोटी हाथ में लीनी

गउवनके रखवारे,

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर

शरण आया कूं तारे ... जागो बंसीवाले.

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