BhaktiVed
Krishna

Jago Re Albela Ka’na

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

जागो रे अलबेला का’ना मोटा मुकुटधारी रे,

सहु दुनिया तो सूती जागी, प्रभु तमारी निद्रा भारी रे ... जागो रे०

गोकुळ गामनी गायो छूटी, वणज करे वेपारी रे,

दातण करो तमो आदे देवा, मुख धुओ मोरारि रे ... जागो रे०

भातभातनां भोजन नीपायां, भरी सुवर्णथाळी रे,

लवंग, सोपारी ने एलची, प्रभु पाननी बीडी वाळी रे ... जागो रे०

प्रीत करी खाओ पुरुषोत्तम, खवडावे व्रजनी नारी रे,

कंसनी तमे वंश काढी, मासी पूतना मारी रे ... जागो रे०

पाताळे जई काळीनाग नाथ्यो, अवळी करी असवारी रे,

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, हुं छुं दासी तमारी रे ... जागो रे०

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