BhaktiVed
Mata / Devi

Jug Jug Jivo Ma Randal

garba

जुग जुग जीवो मा रांदल

अनंत कृपाळी दीन-दयाळी

भक्तोना दुःख हरनारी,

जुग जुग जीवो मा रांदल जुग जुग जीवो मा

कुम कुम तिलक शोभे मा

भक्तो आवे तारा दर्शन करवा

दुःखीयाना दुःख हरनारी

जुग जुग जीवो मा रांदल जुग जुग जीवो मा

अंबा नामना अमी रस पीधा

पापीने तमे पावन कीधा

पतित पावन पावनकारी

जुग जुग जीवो मा रांदल जुग जुग जीवो मा

जगत जननी जगदंबा माता

भक्तोनी माता भाग्यविधाता

दशे दिशामां तमारो जयजयकार

जुग जुग जीवो मा रांदल जुग जुग जीवो मा

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