BhaktiVed
कृष्ण

जूनुं तो थयुं रे देवळ

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

जूनुं तो थयुं रे, देवळ जूनुं तो थयुं;

मारो हंसलो नानो ने, देवळ जूनुं तो थयुं. टेक.

आ रे काया रे हंसा, डोलवाने लागी रे;

पडी गया दांत, मांयली रेखुं तो रही.— मारो १.

तारे ने मारे हंसा, प्रित्युं बंधाणी रे;

ऊडी गयो हंस, पिंजर पडी रे रह्युं— मारो २.

बाई मीरां के प्रभु गिरिधरना गुण;

प्रेमनो प्यालो तमने पाउं ने पीउं— मारो ३.

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