BhaktiVed
कृष्ण

के दा’डे मळशे मुंने का’न

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

के दा’डे मळशे मुंने का’न

जोशीडा जोश जुवोने,

के दा’डे मळशे मुंने का’न रे?

दुःखडानी मारी वा’ला दूबळी थई छुं,

पचीपची थई छुं पीळी पान रे ... के दा’डे मळशे.

दुःखडां मारां डुंगर जेवडां,

सुखडां छे मेरुं समान रे. ... के दा’डे मळशे.

प्रीत करीने वा’ले पांगळां कीधां,

बाणे वींध्या छे मारा प्राण रे. ... के दा’डे मळशे.

बाई मीरां कहे प्रभु गिरिधरना गुण,

चरणकमळ चित्त ध्याउं रे. ... के दा’डे मळशे.

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