BhaktiVed
कृष्ण

किन संग खेलुं होली ?

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

किन संग खेलुं होली ?

किन संग खेलुं होली ? पिया तज गये अकेली.

माणेक मोती सब हम छोडे, गलेमें पहेनी सेली. पिया०

भोजन-भवन भलो नहीं लागे, इन सुमरे फीरुं घेली. पिया०

बहु दिन बीते अजहुं न आये, लग रही तालावेली. पिया०

श्याम बिना झूर झूर जीव जायेगो, जेसे जल बिन वेली. पिया०

जो प्रभु प्रीत करी तुम ओरसे, हमसे क्युं करी हेली. पिया०

मीरां को प्रभु दर्शन दीजो, जनमजनम की चेली. पिया०

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