BhaktiVed
Krishna

Kiye Thame Mohni

BhajanAuthor: દયારામ (Dayaram)

किये ठामे मोहनी

किये ठामे मोहनी न जाणी रे,

मोहनजी, किये ठामे मोहनी न जाणी रे ? मोहनजी०

भ्रकुटीनी मटकमां के भाळवानी लटकमां

के शुं मोहनी भरेली वाणी रे ? मोहनजी०

खिटळियाळा केशमां के मदनमोहन वेशमां

के मोरली मोहननी पिछाणी रे ? मोहनजी०

शुं मुखारविंदमां के मंदहास्य फंदमां

के कटाक्षे मोहनी वखाणी रे ? मोहनजी०

के शुं अंगेअंगमां के ललितत्रिभंगमां

के शुं अंग-घेली करी शाणी रे ? मोहनजी०

चपळ रसिक नेनमां के छानी छानी सेनमां

के जोबननुं रूप करे पाणी रे ? मोहनजी०

दयाना प्रीतम पोते मोहनी स्वरूप छे

तनमनधने हुं लूंटाणी रे ! मोहनजी०

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