BhaktiVed
कृष्ण

क्यां गयो मोरलीवाळो

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

क्यां गयोरे पेलो मोरलीवाळो, अमारा घूंघट खोली रे;

क्यां गयोरे पेलो वांसळीवाळो, अमने रंगमां रोळीरे ——टेक

हमणां वेणो गुंथी हती, पेरी कसुंबल चोळीरे;

मात जसोदा साख पूरे छे, केसर छांट्या घोळीरे. क्यां.

जळ जमुनानां भरवां गयांतां, बेडुं नाख्युं ढोळीरे ;

पातळियो परपंचे भरियो, अमे ते अबळा भोळी रे. क्यां.

प्रेमतणी प्रेमदाने अंतर, गेबनी मारी गोळीरे ;

मीरांबाई कहे प्रभु गिरिधरनागर, चरणकमल चित चोळीरे. क्यां.

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