BhaktiVed
कृष्ण

लेने तारी लाकडी

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

लेने तारी लाकडी ने लेने तारी कामळी,

गायो चराववा नहि जाउं मावलडी ... लेने.

माखण तो बलभद्र खाधुं.

अमने मळी खाटी हो रे छाशलडी ... लेने०

वृंदा ते वनने मारगे जातां,

पगमां खूंचे झीणी कांकरडी ... लेने०

दादुर मोर पपीहा रे बोले,

खिजावे कही काळी करसनडी ... लेने०

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर,

चरणकमळ चित्त राखलडी ... लेने०

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