BhaktiVed
राम

मनवा रामनाम रस पीजै

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

मनवा रामनाम रस पीजै

रामनाम रस पीजै,

मनवा, रामनाम रस पीजै.

तज कुसंग सतसंग बैठ नित,

हरिचरचा सुनि लीजै ... मनवा.

काम क्रोध मद लोभ मोहकूं,

बहा चित्तसे दीजै ... मनवा.

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर,

ताहिके रंगमें भींजै ... मनवा.

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