BhaktiVed
Krishna

Mare Te Gamade Ek Var Aavjo

garba

मारे ते गामडे एक वार आवजो

मारे ते गामडे एक वार आवजो

हे आवो त्यारे मने संदेशो कहावजो

मारे ते गामडे एक वार आवजो

मारां माखणीया मीठां मीठां चाखजो

मारे ते गामडे एक वार आवजो

मीठां माखणथी भरी मटकी मारी आज

मनमोहन आवो तमे माखण खावा काज

सूनां सूनां छे गाम राधाना श्याम विना

सूनुं सूनुं छे गाम आजे घनश्याम विना

अंतरनां द्वार कहो क्यारे उघाडशो

मीठी मीठी मोरली क्यारे वगाडशो

हे जमनाने तीर रास क्यारे रचावशो

मारे ते गामडे एक वार आवजो

वाग्या मृदंग हो रे.. जाग्या उमंग कंई

आव्या प्रसंग रंगभीना हो

मारां माखणीया मीठां मीठां चाखजो

मारे ते गामडे एक वार आवजो

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