BhaktiVed
कृष्ण

मार्या रे मोहनां बाण

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

मार्या रे मोहनां बाण, धुतारे मने मार्यां मोहना बाण. टेक०

ध्रुने मार्यां, प्रह्‌लादने मार्यां, ते ठरी ना बेठा ठाम. धुतारे०

शुकदेवने गर्भवासमां मार्यां, ते चारे युगमां परमाण धुतारे०

हिरण्यकश्यप मारी वा’ले उगार्यो, प्रह्‌लाद, दैत्यनो फेड्यो छे ठाम; धुतारे०

सायर पाज बांधी वा’ले सेन उतारी, रावण हण्यो एक बाण धुतारे०

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, अमने पार उतारो श्याम धुतारे०

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