BhaktiVed
कृष्ण

मोरी लाज तुं रख ले भैया

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

मोरी लाज तुं रख ले भैया

मोरी लाज तुं रख ले भैया, नंदजी के घर कुंवर कनैया;

पेठ पाताल कालीनाग नथ्यो, फण पर नृत्य करैया. नंद०

जमुना के तीर धेनु चरावे, मुख पर मोरली बजैया.नंद०

मोरमुकुट पीतांबर सोहे, कानकुंडल झलकैया. नंद०

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, चरणकमळ लपटैया. नंद०

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