BhaktiVed
कृष्ण

मोरली वागी

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

मोरली वागी

मोरली वागी.

भरनिद्रामां हुं रे सूती'ती, झबकीने जोवा जागी.

वृन्दावनने मारग जातां सामो मळ्या सोहागी.

मीरां के प्रभु गिरिधर नागर, चरणकमल लेह लागी.

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