BhaktiVed
Mata / Devi

Mujane Adsho Ma !

BhajanAuthor: દયારામ (Dayaram)

मुजने अडशो मा !

"मुजने अडशो मा! आघा रहो अलबेला छेला! अडशो मा!,

अंक भर्याना सम खाओ तो अधर तणो रास पाउं;

कहान कुंवर! साळा छो, अडतां हुं काळी थई जाउं!"...मुजने०

"तुं मुजने अडता श्याम थईश तो हुं क्यम नई थाउं गोरो?

फरी मळतां रंग अदलाबदली, मुज मोरो, तुज तोरो!"...मुजने०

"काळी थयानुं काम नथी, पण लग्न लोकमां ठरशे;

लघु वयमां लांछन लाग्याथी बीजो वर क्यम वरशे?"...मुजने०

"तारे बीजा वरनुं काम शुं छे? हुं वर, तुं वहु धन्य!

जेनुं लांछन तेने वरिये तो तो मान मळे अनन्य."...मुजने०

सुणी एम हरिवदनी हसी भेट्यां, प्रति उत्तर ना दीधो;

होळीनी हांसी मिषे दयाप्रीतम बे ए आनंद रस लीधो. ...मुजने०

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