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Krishna

Nagar Nandjina Lal

garbaAuthor: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

नागर नंदजीना लाल

नागर नंदजीना लाल !

रास रमंतां मारी नथणी खोवाणी.

काना ! जडी होय तो आल

रास रमंतां मारी नथणी खोवाणी... नागर नंदजीना लाल !

नानी नानी नथणी ने मांही जडेला हीरा,

नथणी आपो ने मारा सुभद्राना वीरा... नागर नंदजीना लाल !

नानेरी पहेरुं तो मारे नाके ना सोहाय,

मोटेरी पहेरुं तो मारा मुखपर झोलां खाय... नागर नंदजीना लाल !

वृंदावननी कुंजगलीमां बोले झीणा मोर

राधाजीनी नथणीनो शामळियो छे चोर... नागर नंदजीना लाल !

नथणी आपोने प्रभु नंदना कुमार,

नरसैंयाना स्वामी उपर जाउं बलिहार... नागर नंदजीना लाल !

विशेष माहिती

आ रचना गुजराती चित्रपट कुंवरबाईनुं मामेरुं (१९७४)मां वपरायुं छे.

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