BhaktiVed
कृष्ण

नगारां काळनां गडे

भजनरचना: દેવાનંદ સ્વામી (Devanand Swami)

नगारां काळनां गडे

काळनां गडे नगारां काळनां गडे,

अगड धें धें धें धें नगारां काळनां गडे... टेक

ढोल ने रणतुर वागे झांझ खडेडे,

नेजा ने निशान दीसे फोजुं बहु फरे... अगड.. १

नाळु ने जंजाळुं सर्वे कडे ने धडे,

आंख्यो मींची बेठो अंधो मनसूबा घडे... अगड.. २

कठण वेगे काळ आवी ओचिंतो अडे,

जळ थोडामां जीव जेम पूरो तरफडे... अगड.. ३

चेतवुं होय तो चेती लेजो बीजुं रह्युं नडे,

देवानंदनो नाथ भज्या विना नरके जई पडे... अगड.. ४

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