BhaktiVed
राम

नाथ तुम जानत हो सब घटकी

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

पद १४ राग काफी.

नाथ तुम जानत हो सब घटकी, मीरां भक्ति करे परगटकी. — टेक

राममंदिर में मीरांबाई नाचे, ताल वगाडे चपटी,

पांव में घूघरा रूमझूम बाजे, लाज शरम सब पटकी.— नाथ तुम. १.

नाहीघोईने मीरां माळा फेरे, सेवा करे रघुवरकी,

शालिग्राम को चंदन चडावै, भाल तिलक बीच टपकी.— नाथ तुम. २.

विष का प्याला राणाजीने भेजा साधु संगत मीरां अटकी,

कर चरणामृत पी गई मीरां, जैसे रामरस की कटकी.— नाथ तुम. ३.

के सुरती दोर लगी एक धारा, जैसे घडा पर मटकी,

बाई मीरां कहे प्रभु गिरिधरना गुण, सूरती लगी जैसी नटकी— नाथ तुम. ४.

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें