BhaktiVed
कृष्ण

नीत नीत लाछवर लक्षण रूडां

garbaरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

नीत नीत लाछवर लक्षण रूडां, मोटेरां थईए रे त्यम बोलीए कृडां.

मात यशोदा जाणे रे माहारो लाडको पुत्र, वाहालाजीए ठाम ठाम मांड्यां घरसूत्र.

जेहनुं ब्रह्मादिक ध्यान धरे सुर मुनि गाये, दृष्टे पडी नाच्य विना रमी न जाये.

शीख देतां दुभाशो मा शामळा काहान, नरसिंहाए ए नाच्यने दीधुं सनमान.

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