BhaktiVed
Ram

Nurijan Satvadi !

BhajanAuthor: દેવાયત પંડિત (Devayat Pandit)

नूरिजन सतवादी !

नूरिजन सतवादी ! आज मारा भाईला आराधो रे,

एक मन करो ने आराध जीवे राम…

प्रेहलाद रे राजानी वा’ले मारे, पोते पत पाळी रे, जईने होळीमां होमाणां रे, जीवे राम,

नहोर वधारी वा’ले, हरणकंस मार्यो, उगार्यो भगत प्रहलाद, जीवे राम…

एवा नूरिजन सतवादी ! आज मारा भाईला आराधो रे…०

बळी रे राजाने वा’ले मारे बांये बळ दीधां ने, सोनानी थाळीमां जमाडयां रे, जीवे राम,

साडा त्रण डगलां वा’ले मारे पृथ्वी मागी ने, सोप्यां एने पाताळुंना राज, जीवे राम…

एवा नूरिजन सतवादी ! आज मारा भाईला आराधो रे…०

हरिश्चंद्र राजा तारादेने वेचवाने चाल्या रे, कुंवरने डसियेलो नाग रे, जीवे राम,

हरिश्चंद्रे ताराने माथे खडग तोळ्यां ने, हरिए झाल्या एना हाथ जीवे राम…

एवा नूरिजन सतवादी ! आज मारा भाईला आराधो रे…०

पांच पांच पांडव माता कुंताना केवाणा रे, छठ्ठां हतां द्रोपदीजी नार रे, जीवे राम,

वैराट नगरमां वा’ले मारे मजूरी मंडावी रे, हतां जेने हस्तिनापुर जेवां राज जीवे राम…

एवा नूरिजन सतवादी ! आज मारा भाईला आराधो रे…०

विना रे पारख आपणे वणजुं ना करीए, पत एमां पोतानी जाय रे जीवे राम,

पातर परख्या विना संगडो ना करीए रे, पत एमां पोतानी जाय रे जीवे राम,

देवायत पंडित कहे तमे सूणो रे देवळदे रे, धूनो, जूनो धरम संभाळ रे, जीवे राम…

एवा नूरिजन सतवादी ! आज मारा भाईला आराधो रे…०

No video for this text yet.Search on YouTube

Also read