BhaktiVed
కృష్ణుడు

ओ पेलो चांदलियो

భజనరచన: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)

ओ पेलो चांदलियो

ओ पेलो चंदलियो मा ! मने रमवाने आलो;

तारा ने नक्षत्र लावी मार गजवामां घालो. - ओ पेलो. १

रूए ने रागडो थाये, चांदा सामुं जुए;

माता रे जशोदाजी हरिना आंसूडा लूवे. - ओ पेलो. २

चांदलियो आकाशे वसे, घेला रे कहान;

सहु कोने घेर बाळक छे, पण तुने नही सान. - ओ पेलो. ३

वाडकामां पाणी घाली, चांदलियो दाख्यो;

नरसियानो स्वामी शामळियो रडतो रे राख्यो. - ओ पेलो. ४

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