BhaktiVed
Krishna

Odha Nahin Re Aavun

BhajanAuthor: મીરાંબાઈ (Meera Bai)

ओधा नहीं रे आवुं

काम छे, काम छे, काम छे, रे

ओधा नहीं रे आवुं मारे काम छे.

शामळिया भीने वान छे रे,

ओधा नहीं रे आवुं मारे काम छे.

आणी तीरे गंगा ने पेली तीरे जमना,

वचमां गोकुळियुं गाम छे रे ... ओधा नहीं रे आवुं.

सोनुं रूपुं मारे काम न आवे,

तुलसी तिलक पर ध्यान छे रे ... ओधा नहीं रे आवुं.

आगली परसाळे मारो ससराजी पोढे,

पाछली परसाळे सुंदरश्याम छे रे ... ओधा नहीं रे आवुं.

मीरांबाई के प्रभु गिरिधर नागर,

चरणकमळमां मारो विश्राम छे रे ... ओधा नहीं रे आवुं.

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